कोतवाली टीआई अरविंद दांगी का कहना है कि “दोनों पक्ष बैठे हैं. दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है. यह विवाद कैसे हुआ और क्यों हुआ? इसकी जांच-पड़ताल हो रही है.”
छतरपुर जिला अदालत परिसर में उस समय हंगामा मच गया जब एक पति-पत्नी के तलाक को लेकर बात चल रही थी. दोनों परिवारों के लोग तलाक के फैसले को लेकर तैयार थे, लेकिन पत्नी के आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों परिवारों ने जमकर लात-घूंसे मारना शुरू कर दिया. दरअसल मामला छतरपुर जिले की सिटी कोतवाली थाना इलाके की जिला अदालत परिसर का है. कोर्ट परिसर में जब रानी ताल निवासी लड़की की अपने पति से तलाक को लेकर बात चीत चल रही थी. इस दौरान लड़की के परिजनों के द्वारा दहेज का सामान और अन्य सामान के लिए बात हुई तो लड़के के परिजन राजी हो गए. लेकिन इसके बाद कुछ ऐसा हुआ जिससे दोनों पक्ष के बीच गहमा-गहमी हो गई.
क्यों शुरु हो गई मारपीट?
परिजनों ने जब लड़की से राजीनामा के लिए लड़की का आधार कार्ड मांगा तो लड़की भड़क गई और इसी बात को लेकर दोनों परिवारों में विवाद शुरू हो गया. विवाद होते ही आसपास खड़े वकीलों और पुलिस कर्मियों ने बीच बचाव किया, लेकिन विवाद चलता रहा. बाद में दोनों पक्ष सिटी कोतवाली में अपनी अपनी शिकायत दे दी.
पुलिस का क्या कहना है?
कोतवाली टीआई अरविंद दांगी का कहना है कि “दोनों पक्ष बैठे हैं. दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है. यह विवाद कैसे हुआ और क्यों हुआ? इसकी जांच-पड़ताल हो रही है.” छतरपुर न्यायालय में यह पहला मामला नहीं है. इसके पहले भी कई मामले हो चुके हैं. न्यायालय में दो पक्ष का के बीच में विवाद हुआ हो विवाद के बाद वकील और पक्षकार में भी विवाद होते रहे हैं. इससे छतरपुर जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि जब न्यायालय में ही पक्षकार और अपराधी दोनों एक दूसरे की मार पिटाई करेंगे तो जो पक्षकार हैं उनको न्याय कैसे मिल पाएगा?
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